मुद्दा है विनायक सेन के साथ इतनी शक्ति क्यों बरती जा रही है, आखिर क्या किया उन्होंने जो सरकार इस तरह पेश आ रही है ये बात सोचने लायक है, हममे से कितने लोग है जो ये आवाज उठा रहे है, और जो लोग विनायक सेन के साथ है इसका जवाब ना के बराबर है आखिर क्यों? आज जो कोई भी आवाज उठाता है उसकी आवाज खामोश कर दी जाती है या उसे नक्सली करार दे दिया जाता है ये कहा तक सही और गलत है बात सोचने लायक है कितने लोग उसके साथ जेल जाने के लिए तैयार है, सरकार की नजर में वो लोग भी नक्सली है,जो अपने हक़ के लिए आवाज उठाते है, ये सरकारी रवैया कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा,आमजन को विद्रोह करना होगा वरना बेगुनाह लोगो को ऐसे ही सरकारी जुल्मो का शिकार होना पडेगा ? सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा। परबत वो सबसे ऊँचा हमसाया आसमाँ का वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा। गोदी में खेलती हैं जिसकी हज़ारों नदियाँ गुलशन है जिनके दम से रश्क-ए-जिनाँ हमारा। मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना हिंदी हैं हम वतन है हिंदुस्तान हमारा।- मुहम्मद इक़बाल
Thursday, January 13, 2011
मुद्दा है विनायक सेन के साथ इतनी शक्ति क्यों बरती जा रही है, आखिर क्या किया उन्होंने जो सरकार इस तरह पेश आ रही है ये बात सोचने लायक है, हममे से कितने लोग है जो ये आवाज उठा रहे है, और जो लोग विनायक सेन के साथ है इसका जवाब ना के बराबर है आखिर क्यों? आज जो कोई भी आवाज उठाता है उसकी आवाज खामोश कर दी जाती है या उसे नक्सली करार दे दिया जाता है ये कहा तक सही और गलत है बात सोचने लायक है कितने लोग उसके साथ जेल जाने के लिए तैयार है, सरकार की नजर में वो लोग भी नक्सली है,जो अपने हक़ के लिए आवाज उठाते है, ये सरकारी रवैया कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा,आमजन को विद्रोह करना होगा वरना बेगुनाह लोगो को ऐसे ही सरकारी जुल्मो का शिकार होना पडेगा ?
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